-आज के गांधी की संज्ञा दी जाती है अन्ना हजारे को
-अपने पथरीले गांव रालेगन को दुनिया के फलक पर दिलाई एक अलग पहचान
सत्यजीत चौधरी
लोग उन्हें आज के गांधी की संज्ञा देते हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ बिगुल फूंकते हुए उन्होंने एक छोटे से गांव रालेन से दिल्ली तक का सफर करके सरकार और दुनिया को दिखा दिया है कि अगर मन में सचाई के लिए लड़ने का जज्बा हो तो कारवां खुद ही बन जाता है। आज अन्ना किसी पहचान का मोहताज नहीं हैं लेकिन इससे पहले उन्होंने देश और समाज के लिए जो किया है, वह काबिलेतारीफ है। अपनी जिंदगी को दूसरों के लिए कुर्बान करने का जज्बा रखने वाला यह शख्स यंू ही भारतीय जनता का आज का गांधी नहीं बन गया है, बल्कि इसके पीछे है, उनका त्याग और बलिदान।
