रविवार, 18 सितंबर 2011

‘खेल’ खेल में............

Yashpal Singh
         केंद्रीय खेल मंत्री अजय माकन ने खेल विधेयक का मसौदा पेश कर जैसे बर्र के छत्ते में हाथ डाल दिया है। खेल संघों पर सालों से काबिज लोगों ने इस मसौदे का जोरदार विरोध किया है। इस मसौदे का समर्थन करने वालों को वे बिना देर किए खारिज कर देना चाहते हैं। राष्ट्रीय खेल की कमान थामने वाले भारतीय हॉकी संघ (आईएचएफ) ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली हॉकी टीम के साथ किस तरह का मजाक किया, इसको पूरी दुनिया ने देखा। आखिर इस निराशजनक दौर में देश में खेल का स्वस्थ माहौल कैसे बने? आजकल के ताजा अंक में विश्लेषण कर रहे हैं यशपाल सिंह.

शुक्रवार, 16 सितंबर 2011

नो फ्लाई जोन में तब्दील हो जाएगा नोएडा

सत्यजीत चौधरी, 
                           फ़ॉर्मूला वन रेस में दुनिया की नामचीन हस्तियां होंगी शामिल 
 फ़ॉर्मूला वन ग्रैंड प्रिक्स के दौरान सुरक्षा को लेकर कवायद तेज हो गई है। हाल में दिल्ली हाईकोर्ट बम ब्लास्ट के बाद ग्रेटर नोएडा प्रशासन के साथ-साथ राज्य सरकार के हाथ-पांव फूले हुए हैं। वजह साफ है, इस आयोजन में दुनिया के कई नामचीन हस्तियां शामिल होंगी। इस रोमांच को देखने के लिए राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री भी आ सकते हैं। सचिन तेंदुलकर का आना पक्का है। माइकल शुमाकर के भी आने की चर्चा है। कई केंद्रीय मंत्री और दूसरे राज्यों के बड़े नेता भी देश में पहली बार होने जा रही इस रेस को देखने के लोभ से शायद ही बच पाएं। इसके अलावा हजारों देशी-विदेशी मेहमान इस शो की रौनक बढ़ाएंगे।

गुरुवार, 15 सितंबर 2011

कार ने किया बेकरार..............

सत्यजीत चौधरी, 
    फॉमरूला वन थ्रिल की तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। ग्रेटर नोएडा के करीब बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर होने जाने रहे इस रोमांच पर पूरे देश की नजर लगी है। यह रेस कई कंपनियों और अनेक प्रोफेशनल्स के वारे-न्यारे करेगी। अब तक माना जाता था कि ब्रांड प्रोमोशन के लिए क्रिकेट की कोई सानी नहीं है, लेकिन यह रेस इस मिथक को तोड़ेगी। इसके साथ ही रेस देखने आने वाले विदेशी बिजनेस टाइक्यून भी निवेश में दिलचस्पी दिखाएंगे।

बुधवार, 14 सितंबर 2011

फिर एक हादसा, फिर वही दावे

                                                        सत्यजीत चौधरी
   एक और रेल दुर्घटना। फिर न जाने कितनों के माथे का सिंदूर मिटा और कितनों की जिंदगी से सुकून उठा। नहीं जागी तो सरकार। हर रेल दुघर्टना के बाद सरकार और रेल मंत्रालय की ओर से दुघर्टना से बचने के लिए बड़े-बड़े दावे किए जाते है। हर बार अलार्म सिस्टम और एंटी कोजीजन डिवाइस लगाने के वादे किए जाते हैं लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात। बावजूद इसके रेलवे ने न तो एंटी कोलीजन डिवाइस लगवाया और न ही आटोमैटिक अलार्म सिस्टम। ज्यादातर हादसे दो ट्रेनों के टकराने या सिग्नल तोड़ने से हो रही हैं। ऐसे में ये तकनीक काफी अहम हैं।

फार्मूला वन रेस ट्रैक पर कबड्डी !

सत्यजीत चौधरी
   फार्मूला वन रेस के लिए अधिग्रहित की गई भूमि पर अब चमचमाती सड़कें और निर्माण देखकर गांव के गरीब किसानों के जख्मों पर नमक छिड़का जा रहा है। अपने इस दर्द को दूर करने के लिए अब किसान आंदोलन करने को तैयार हैं। किसानों ने अब रेसिंग ट्रैक पर ही कुश्ती व कबड्डी कराने का निर्णय लिया है। अखिल भारतीय किसान सभा की जिला मंत्री परिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।

जोश, जुनून के लिए बेसब्री का आलम

सत्यजीत चौधरी
  दुनियाभर में मशहूर रफ्तार की यह रौनक अब भारत में दिखने जा रही है। 30 अक्टूबर को आयोजित होने जा रही फार्मूला-1 एयरटेल ग्रांड प्रिक्स आफ इंडिया को लेकर देशभर में बेतहाशा दीवानगी देखने को मिल रही है। दीवानगी का आलम यह है कि रेस के लिए मिलने वाला सबसे कम कीमत 2500 रुपए के सभी टिकट बुक चुके हैं। इस दीवानगी को पूरा करने के लिए छह टीमें हिस्सा ले रही हैं। इस सत्र की नंबर वन टीम बनी हुई रेड बुल ने तो अपने प्रशंसकों से सीधे जुड़ने के लिए प्रतियोगिता भी शुरू की है।