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शुक्रवार, 5 जुलाई 2013

हिमालय की संतानों की सुध कौन लेगा !!!

सत्यजीत चौधरी 
सीना ताने खड़े पहाड़ मनुष्य को धैर्य, शक्ति, जीवटता, अभिमान और स्थायित्व जैसे जीवन तत्वों का साक्षात्कार कराते हैं। विश्वविख्यात रूसी पर्वतारोही एनातोली बोखीरीव की डायरी के एक पन्ने पर दर्ज है, पहाड़ कोई स्टेडियम नहीं है, जहां मैं अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा करूं। पहाड़ तो गिरजाघर हैं, जहां मैं अपने धर्म के कर्म को पूरा करता हूं। वाकई इन पूजनीय पहाड़ों को हमने अपनी लालच, महात्वाकांक्षाओ और आर्थिक विकास का स्टेडियम बना दिया है। पहाड़ों के सीने से हरियाली नोच—नोचकर हम उसमें कंक्रीट भरते जा रहे हैं। नतीजा उत्तराखंड के रूप में हमारे सामने है।

बुधवार, 4 जनवरी 2012

मसूद को लोकल मसलों से निकलना होगा

सत्यजीत चौधरी
   चौधरी अजित सिंह से हाथ मिलाना और काजी रशीद मसूद को पार्टी में लाना कांग्रेस की एक ही योजना का हिस्सा है। मतलब यह कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट और मुस्लिम वोट बैंक को साधना, लेकिन जिस तरह से मसूद लोकल मसलों में उलझते जा रहे हैं, उससे कांग्रेस में निराशा है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस चाह रही है कि मसूद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 75 विधानसभा क्षेत्रों में जाएं और मुसलमानों को बताएं कि कांग्रेस ही उनकी सच्ची हितैषी है। सच्चर समिति की सिफारिसो  के अनुरूप केंद्र सरकार ने जो योजनाएं बनाई हैं, उनपर रोशनी डालें। कांग्रेस की योजना रशीद मसूद और सोमवार को रालोद में शामिल याकूब कुरैशी के संयुक्त दौरे शुरू कराने की है, ताकि दोनों मिलकर सहारनपुर और मेरठ में अपने साथ मुस्लिम मतों के एक बड़े हिस्से को जोड़ सकें लेकिन गंगोह सीट को लेकर मसूद का अड़ियल रवैया गुर्जरों के नेता यशपाल सिंह से उनकी टकराहट अब कांग्रेस को अखरने लगी है।

रविवार, 18 सितंबर 2011

‘खेल’ खेल में............

Yashpal Singh
         केंद्रीय खेल मंत्री अजय माकन ने खेल विधेयक का मसौदा पेश कर जैसे बर्र के छत्ते में हाथ डाल दिया है। खेल संघों पर सालों से काबिज लोगों ने इस मसौदे का जोरदार विरोध किया है। इस मसौदे का समर्थन करने वालों को वे बिना देर किए खारिज कर देना चाहते हैं। राष्ट्रीय खेल की कमान थामने वाले भारतीय हॉकी संघ (आईएचएफ) ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली हॉकी टीम के साथ किस तरह का मजाक किया, इसको पूरी दुनिया ने देखा। आखिर इस निराशजनक दौर में देश में खेल का स्वस्थ माहौल कैसे बने? आजकल के ताजा अंक में विश्लेषण कर रहे हैं यशपाल सिंह.